IPL 2026 :दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। वहीं इससे पहले 26 मार्च से पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का भी आगाज होगा। दोनों लीग लगभग एक ही समय पर होने के कारण क्रिकेट प्रेमियों के बीच तुलना तेज हो गई है। खासकर कप्तानी को लेकर दोनों टूर्नामेंट की सोच अलग नजर आ रही है।
आईपीएल में भारतीय कप्तानों का दबदबा
इस बार आईपीएल की सभी 10 टीमों ने कप्तानी की जिम्मेदारी भारतीय खिलाड़ियों को सौंपी है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व की नई और मजबूत पीढ़ी तैयार हो चुकी है।
टीमों की कमान हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ियों के हाथ में है। इसके अलावा अक्षर पटेल, अजिंक्य रहाणे, रजत पाटीदार, रियान पराग और ईशान किशन भी अपनी-अपनी टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं।
इनमें कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और भारतीय टीम की हाल की सफलताओं में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
पीएसएल में विदेशी खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी
दूसरी ओर पाकिस्तान सुपर लीग में कप्तानी का समीकरण अलग है। यहां स्थानीय खिलाड़ियों के साथ विदेशी खिलाड़ियों को भी टीम की कमान दी गई है।
इस लीग में बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान, शादाब खान और शाहीन शाह अफरीदी जैसे पाकिस्तानी खिलाड़ी कप्तानी कर रहे हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर, मार्नस लाबुशेन और एश्टन टर्नर जैसे विदेशी खिलाड़ियों को भी कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ खिलाड़ी पहली बार इस लीग में कप्तानी करते नजर आएंगे, जिससे पीएसएल में नेतृत्व को लेकर अलग तरह का प्रयोग देखने को मिल रहा है।
कप्तानी को लेकर अलग सोच
अगर दोनों लीग की तुलना करें तो आईपीएल में कप्तानी ज्यादातर उन खिलाड़ियों को मिली है, जिन्होंने टी20 क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम के भविष्य के लीडर माने जाते हैं। वहीं पीएसएल में फ्रेंचाइजियां अनुभव और विदेशी खिलाड़ियों को भी नेतृत्व में शामिल करने की रणनीति अपना रही हैं।
कुल मिलाकर कप्तानी के मामले में दोनों लीग की सोच अलग दिखाई देती है—आईपीएल में भारतीय खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा दिख रहा है, जबकि पीएसएल में स्थानीय और विदेशी खिलाड़ियों का मिश्रण देखने को मिल रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मैदान पर किस लीग की कप्तानी रणनीति ज्यादा सफल साबित होती है।