नई दिल्ली | अफगान सीमा के पास पाकिस्तान के सैन्य काफिले पर बुधवार को घातक हमला हुआ, जिसमें 11 सैनिक शहीद हुए, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ (39) और मेजर तय्यब रहत (33) भी शामिल थे। हमला पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) ने किया और इसकी जिम्मेदारी ली है।
हमले का स्थान ओरकजई जिले में था, जहां पहले सड़क किनारे बम धमाके किए गए और उसके बाद गोलीबारी शुरू हुई। स्थानीय सूत्रों और डीजी आईएसपीआर के बयान के अनुसार, इस हमले में आतंकियों को भी मार गिराया गया।
लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि उनके साथ मेजर तय्यब रहत और नौ अन्य सैनिक शहीद हुए। पाकिस्तान सेना का दावा है कि यह हमला अफगानिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादियों द्वारा किया गया।
इस घटना से पहले, पाकिस्तानी वायुसेना ने 21 सितंबर की रात तिराह घाटी में टीटीपी के ठिकाने पर 8 लेजर-गाइडेड बम गिराए थे। इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 24-30 लोग मारे गए, जबकि पाकिस्तान सेना ने इसे टीटीपी के बम बनाने वाले अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया।
टीटीपी ने पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा बलों पर हमलों की संख्या बढ़ा दी है और सरकार को गिराकर अपने सख्त इस्लामी शासन की स्थापना का लक्ष्य रखा है। पाकिस्तान का आरोप है कि ये आतंकवादी अफगानिस्तान में प्रशिक्षण लेकर हमला करते हैं, जबकि काबुल इस बात से बार-बार इनकार करता रहा है।
यह हमला पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती है, क्योंकि उच्च अधिकारियों समेत सैनिकों की हताहत संख्या ने पूरे देश में सुरक्षा स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।