दुर्ग। त्योहार की रात जहां लोग धनतेरस की खरीदारी और उल्लास में मशगूल थे, वहीं दुर्ग के एक कारोबारी के लिए यह रात तनाव और अविश्वास की वजह बन गई। कारोबारी मयंक गोस्वामी, जो धमतरी में एक बाइक शोरूम संचालित करते हैं, ने रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम पर 2 लाख रुपए गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के बाद मामले ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है।
धमतरी से दुर्ग लौटते वक्त रोकी गई कार
जानकारी के अनुसार, मयंक गोस्वामी धनतेरस के दिन कारोबार समेटकर अपनी कार से दुर्ग लौट रहे थे। इसी दौरान रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने एनएच पर चेकिंग के नाम पर उनकी गाड़ी रोकी और तलाशी ली। कारोबारी का आरोप है कि तलाशी के दौरान कार में रखे 2 लाख रुपए कैश अचानक गायब हो गए।
कारोबारी के घर तक पहुंचे पुलिसकर्मी, शक और गहरा
मयंक गोस्वामी ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि चेकिंग के बाद संबंधित पुलिसकर्मी उनके घर तक पहुंचे, जिससे उनका शक और पुख्ता हो गया कि रकम इन्हीं के द्वारा ली गई है।
दुर्ग एसएसपी ने जांच रायपुर पुलिस को सौंपी
मामले की शिकायत मिलते ही दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर रायपुर एसएसपी को भेज दी। चूंकि आरोप रायपुर क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों पर हैं, इसलिए पूरी जांच रायपुर पुलिस द्वारा की जा रही है।
आरक्षक प्रशांत शुक्ला निलंबित, रायपुर पुलिस में मचा हड़कंप
आरोपों के बाद रायपुर एसएसपी ने क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रशांत शुक्ला को तत्काल निलंबित (लाइन अटैच) कर दिया है। वहीं इस घटना के उजागर होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
चेकिंग या वसूली? उठे सवाल
धनतेरस जैसी शुभ रात को की गई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी वर्ग का कहना है कि त्योहारों के समय इस तरह की मनमानी “चेकिंग” से पुलिस पर भरोसा कमजोर होता है। लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।