अंकारा। तुर्किये की राजधानी अंकारा से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक निजी जेट विमान हादसे का शिकार हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में लीबिया के शीर्ष सैन्य कमांडर और चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। हादसे से लीबिया और तुर्किये दोनों देशों में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, Dassault Falcon 50 श्रेणी का यह निजी जेट अंकारा के एसेनबोगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लीबिया के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के लगभग 40 मिनट बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इससे पहले पायलट की ओर से अंकारा के दक्षिणी क्षेत्र हायमाना के पास आपात लैंडिंग का संकेत भेजा गया था, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
तुर्किये के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि खोज अभियान के दौरान विमान का मलबा हायमाना जिले के केसिक्कावक गांव के नजदीक मिला। हादसे में जनरल अल-हद्दाद के साथ चार अन्य वरिष्ठ लीबियाई सैन्य अधिकारी और तीन क्रू मेंबर्स की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल अंकारा में रक्षा सहयोग से जुड़ी उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था। जनरल अल-हद्दाद ने अपने दौरे के दौरान तुर्किये के रक्षा मंत्री यासर गुलर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।
हादसे के बाद लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हमीद दबीबे ने इसे देश के लिए गहरी क्षति बताते हुए तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। वहीं तुर्किये में भी घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और विमानन विभाग सतर्क हो गए।
प्रारंभिक जांच में तकनीकी या इलेक्ट्रिकल खराबी के साथ-साथ खराब मौसम को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संपर्क टूटने के कुछ मिनट बाद हायमाना क्षेत्र के आसमान में तेज चमक देखी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके के लिए रवाना किए गए।
घटना के तुरंत बाद एहतियातन अंकारा एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ान संचालन प्रभावित रहा और कई विमानों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा गया। तुर्किये के अधिकारी दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच कर रहे हैं।