दुर्ग। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। अंजोरा निवासी ममता जांगड़े के समयपूर्व जन्मे नवजात शिशु को, जिसका वजन जन्म के समय मात्र 900 ग्राम था, 50 दिनों के गहन उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ कर छुट्टी दे दी गई है।
4 फरवरी को जन्मे इस शिशु की हालत अत्यंत नाजुक थी। उसे सांस लेने में भारी तकलीफ (रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम) थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई ) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।

एसएनसीयू इंचार्ज पीडियाट्रिशियन डॉ. वाई. किरण कुमार के नेतृत्व में शिशु को फेफड़ों के लिए सर्फैक्टेंट थेरेपी दी गई, जिसमें डीएनबी रेजिडेंट डॉ. हेमंत सिंह ने अहम भूमिका निभाई। उपचार के दौरान शिशु को रक्त चढ़ाया गया और IV एंटीबायोटिक्स दी गईं। नियमित आरओपी स्क्रीनिंग और कड़े पोषण प्रबंधन की निगरानी की गई। 50 दिनों के निरंतर संघर्ष के बाद मासूम का वजन 900 ग्राम से बढ़कर 1.8 किलोग्राम हो गया है।
इस बड़ी उपलब्धि पर सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिन्ज ने पूरी टीम को बधाई दी। इस सफल उपचार में शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ. आर. के. मल्होत्रा, डॉ. हेमंत कुमार साहू, डॉ. आशीष साहू, डॉ. पूजा, डॉ. आलोक और समस्त नर्सिंग स्टाफ का विशेष योगदान रहा।