लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। शहर के 68 वर्षीय रिटायर्ड बैंक अधिकारी सिद्धार्थ नाथ से साइबर ठगों ने 2.75 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी देकर करीब 25 दिन तक डराया-धमकाया।
ठगी का तरीका
सिद्धार्थ नाथ ने विकास नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, 30 अगस्त की सुबह उन्हें मोबाइल पर एक अनजान व्यक्ति ने कॉल किया। उसने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से सिमकार्ड का दुरुपयोग हो रहा है।
ठगों ने व्हाट्सएप पर कई दस्तावेज भेजकर आधार और बैंक खातों की जांच का झांसा दिया। उन्होंने दावा किया कि वे सिद्धार्थ नाथ के सभी बैंक खाते, एफडी और म्युचुअल फंड की राशि चेक करेंगे और बाद में रकम वापस कर देंगे।
विश्वास में आकर सिद्धार्थ नाथ ने ठगों के बताए हुए खातों में संपूर्ण रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद ठगों ने सभी संपर्क बंद कर दिया और उनका संपर्क कट गया।
पुलिस कार्रवाई
ठगी का पता चलते ही उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर ठगों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि किसी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक या दस्तावेज पर क्लिक करने से बचें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और हर व्यक्ति को सतर्क रहने की आवश्यकता है।