ऑस्लो : इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की लोकतंत्र समर्थक नेता मारिया कोरिना माचाडो को दिया गया है। उन्हें यह सम्मान शांति स्थापना और वैश्विक संघर्षों को कम करने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बार इस प्रतिष्ठित सम्मान से वंचित रहे।
मारिया कोरिना माचाडो ने वेनेजुएला में बढ़ती तानाशाही और राजनीतिक दबाव के बावजूद लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने 1992 में अटेनिया फाउंडेशन की स्थापना की, जो काराकास की सड़कों पर रहने वाले बच्चों के लिए शिक्षा और जीवनोपयोगी सुविधाएँ प्रदान करता है।
2010 में माचाडो को नेशनल असेंबली का सदस्य चुना गया, लेकिन 2014 में उन्हें सत्ता द्वारा पद से हटा दिया गया। इसके बावजूद वे विपक्ष की प्रमुख नेता बनी रहीं और 2017 में सोय वेनेजुएला गठबंधन की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई।
नोबेल समिति ने कहा कि इस पुरस्कार के माध्यम से माचाडो के साहस, लोकतंत्र के प्रति समर्पण और संघर्ष समाधान में योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। नोबेल शांति पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने विश्व स्तर पर शांति, मानवाधिकार और संघर्ष निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।