नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना को लेकर राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना, जो नारी सशक्तिकरण के उद्देश्य से लागू की गई थी, अब विवादों में फंस गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में लगभग 5 लाख महिलाओं को लाभार्थियों की सूची से हटा दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में रायपुर से इस योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत प्रारंभिक किश्त में 70.12 लाख महिलाओं के बैंक खातों में कुल 655.57 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसे राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक माना जा रहा था।

5 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए
2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा सरकार ने 21 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा की थी। इस साल अक्टूबर में गृह मंत्री अमित शाह ने योजना की 20वीं किश्त जारी की, लेकिन इस बार केवल 64.94 लाख महिलाओं को ही लाभ मिला। इस सूची में लगभग 5 लाख महिलाओं के नाम गायब थे।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
महतारी वंदन योजना में लाभार्थियों की संख्या में आई कमी को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा,
“पीएम मोदी ने योजना लॉन्च की थी और पहली किश्त में 70 लाख महिलाओं को लाभ मिला। लेकिन 20वीं किश्त में 5 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए। यह छत्तीसगढ़ की महिलाओं के साथ विश्वासघात है।”
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिन महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनकी पूरी लिस्ट सार्वजनिक की जाए। पार्टी का आरोप है कि कई वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं के नाम भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किए गए।
इस विवाद के बाद महतारी वंदन योजना की पारदर्शिता और लाभार्थियों की वास्तविक संख्या पर राज्य में तीखी बहस छिड़ गई है, और राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है।