मिस्र दौरे से पहले ट्रंप का बयान — “मध्य पूर्व में अमन कायम करना सबसे बड़ी चुनौती

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिस्र में आयोजित गाज़ा शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रवाना हो गए हैं। रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में स्थायी शांति बहाल करना, अमेरिकी शटडाउन को समाप्त करने से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने गाज़ा शांति प्रक्रिया की जटिलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “यह संघर्ष तीन हज़ार साल पुराना है, जबकि हमारा शटडाउन केवल दस दिनों का रहा। हम देश के लिए अनावश्यक और डेमोक्रेट समर्थित कार्यक्रमों को समाप्त कर रहे हैं।”

उन्होंने विपक्षी दल डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए कहा कि “वे बड़ी गलती कर रहे हैं। यह तथाकथित ‘शूमर शटडाउन’ है, जिसका खामियाज़ा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।”

अमेरिका में यह शटडाउन 1 अक्टूबर से शुरू हुआ, जिससे कई सरकारी विभागों का कामकाज ठप पड़ा है। सात वर्षों में यह पहली बार है जब संघीय सरकार आंशिक रूप से बंद हुई है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन के दौरान 35 दिनों तक चला शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि सरकारी ठप स्थिति के बावजूद अमेरिकी सैनिकों को वेतन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को निर्देश दिया है कि वे सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर यह सुनिश्चित करें कि 15 अक्टूबर तक सैनिकों को भुगतान मिल जाए।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “हमने आवश्यक धनराशि की पहचान कर ली है और हमारे सैनिकों को उनका वेतन समय पर मिलेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि “मध्य पूर्व में युद्ध अब समाप्त हो चुका है, और हम शांति के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि मिस्र में आयोजित गाज़ा शांति समिट में भाग लेने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप इज़रायल का संक्षिप्त दौरा करेंगे। लगभग चार घंटे की इस यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे और संभवतः इज़रायली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे।

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