कानपुर | कानपुर के पनकी यार्ड में मंगलवार रात बड़ा रेल हादसा टल गया। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया में माल उतारने के बाद लौट रही एक मालगाड़ी ‘कैंची प्वाइंट’ पर अचानक पटरी से उतर गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। हादसे के बाद 41 ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा और कई यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
हादसा कैसे हुआ?
रात करीब 10 बजे जब मालगाड़ी नॉर्थ लाइन से साउथ लाइन की ओर बढ़ रही थी, तभी ‘कैंची प्वाइंट’ पर दो पहिए पटरी से उतर गए। इंजन का प्रेशर गिरते ही ट्रेन रुक गई और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कुछ ही मिनटों में जूही यार्ड में हूटर बजा और एआरटी (Accident Relief Train) टीम को अलर्ट कर दिया गया।
राहत कार्य और ट्रेनों की आवाजाही
करीब 11:15 बजे एआरटी टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक बहाल करने का काम शुरू किया। सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच रेलवे कर्मचारियों ने रातभर मेहनत की। रात 12 बजे चौथी लाइन से सीमित गति में ट्रेनों को चलाना शुरू किया गया। सबसे पहले गरीब रथ एक्सप्रेस को रवाना किया गया, उसके बाद तीसरी लाइन से भी संचालन बहाल हुआ।
दिल्ली-हावड़ा रूट पर अटका रेल संचालन
हादसे के कारण श्रमशक्ति एक्सप्रेस, पटना राजधानी, पुरुषोत्तम और मगध एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें घंटों तक विभिन्न स्टेशनों और आउटर पर फंसी रहीं। कई ट्रेनें दो-दो घंटे तक रुकी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई।
मुख्य ट्रैक बहाल और जांच शुरू
करीब रात ढाई बजे मुख्य अप और डाउन लाइन को भी चालू कर दिया गया। सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक रूप से यह जांच की जा रही है कि घटना तकनीकी खराबी, ट्रैक दोष या मानवीय गलती के कारण हुई।