रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है। राज्य में पहली बार 170 माओवादियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं। इस बड़ी उपलब्धि के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा बस्तर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पिछले दो दिनों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कुल 258 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। महाराष्ट्र में 61 नक्सली आत्मसमर्पित हुए, जबकि छत्तीसगढ़ में शनिवार को 170 और शुक्रवार को 27 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष हथियार डाले।
जनवरी 2024 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से छत्तीसगढ़ में अब तक 2,100 नक्सली आत्मसमर्पित हो चुके हैं। इसके अलावा, 1,785 माओवादी गिरफ्तार किए गए और 477 को सुरक्षा बलों ने मार गिराया।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस उपलब्धि पर ट्वीट करते हुए कहा:
“नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता! छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। महाराष्ट्र में भी 61 नक्सली इसी मार्ग पर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार की नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि नक्सलवाद अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि सरकार की नीति स्पष्ट है – जो नक्सली हथियार छोड़ना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो हिंसा की राह पर टिके रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस ऐतिहासिक कदम को राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में पेश किया है।