नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025 में मुख्य भाषण देते हुए कहा कि भारत आज तेज़ी से बदलते विश्व में “आशा की किरण” और “प्रेरणा का केंद्र” बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत अब रुकने या थमने वाला नहीं है — 140 करोड़ नागरिक मिलकर एक अजेय भारत का निर्माण कर रहे हैं।
“भारत न रुकेगा, न थमेगा” — पीएम मोदी
दीपावली की शुभकामनाओं के साथ प्रधानमंत्री ने समिट के विषय “अजेय भारत” की सराहना की और कहा कि यह आज के भारत की आत्मा को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “आज भारत थकने या रुकने के मूड में नहीं है। यह नया भारत है — आत्मविश्वासी, ऊर्जावान और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार।”
2014 से 2025 तक: शक से विश्वास तक का सफर
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले भारत को लेकर सवाल उठते थे — क्या भारत नीतिगत जड़ता से बाहर आ पाएगा? क्या भ्रष्टाचार और घोटालों का दौर खत्म होगा? क्या सुरक्षा और विकास दोनों साथ चल पाएंगे?
उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में भारत ने हर शक को गलत साबित किया है। हम ‘कमजोर पांच देशों’ से निकलकर आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। हमारी महंगाई दर नियंत्रण में है और विकास दर 7% से अधिक है — जो दुनिया में सबसे तेज है।”
‘आत्मनिर्भर भारत’ की उड़ान — चिप्स से जहाज तक
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक निर्माता राष्ट्र बन गया है। “आज हम चिप्स से लेकर जहाज तक, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। रक्षा, एआई, सेमीकंडक्टर, और हरित ऊर्जा में भारत का आत्मविश्वास साफ झलकता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि हाल ही में गूगल ने भारत के एआई सेक्टर में 15 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है। इसके अलावा, EFTA व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय देशों ने 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है, जिससे लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी।
कोविड संकट में भारत बना दुनिया की उम्मीद
प्रधानमंत्री ने याद किया कि जब पूरी दुनिया कोविड-19 से जूझ रही थी, तब भारत ने सबसे तेज़ वैक्सीन विकसित की, रिकॉर्ड समय में वैक्सीनेशन पूरा किया और संकट के बीच भी विकास की गति नहीं रोकी। उन्होंने कहा, “भारत ने उस दौर में जो किया, उसने हमें दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना दिया — औसत 7.8% वृद्धि दर के साथ।”
स्वदेशी 4जी स्टैक से भारत टॉप 5 देशों में
मोदी ने बीएसएनएल के मेड-इन-इंडिया 4जी स्टैक का ज़िक्र करते हुए इसे “डिजिटल आत्मनिर्भरता” की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “भारत अब दुनिया के उन शीर्ष पांच देशों में शामिल है जिन्होंने अपना 4जी स्टैक खुद विकसित किया है।”
बीएसएनएल ने लॉन्च के साथ ही एक लाख से अधिक 4जी टावर सक्रिय किए, जिससे देश के सुदूर गांवों और पहाड़ी इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचा।
जनकल्याण योजनाओं से करोड़ों को फायदा
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले 1 जीबी डेटा की कीमत 300 रुपये थी, जबकि अब केवल 10 रुपये में उपलब्ध है। इससे हर परिवार को सालाना हजारों रुपये की बचत हो रही है।
उन्होंने बताया कि –
- आयुष्मान भारत से गरीब मरीजों ने ₹1.25 लाख करोड़ की बचत की।
- जन औषधि केंद्रों से 80% सस्ती दवाइयों से ₹40,000 करोड़ की बचत हुई।
- सस्ते स्टेंट से सालाना ₹12,000 करोड़ की राहत मिली।
- कर व्यवस्था में सुधार से ₹12 लाख तक की आय अब टैक्स-मुक्त है।
नीतियों का लोकतंत्रीकरण — नई शासन संस्कृति
विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 60 वर्षों तक देश को नौकरशाही की नीतियों में उलझाया गया, जबकि उनकी सरकार ने नीतियों और प्रक्रियाओं, दोनों का लोकतंत्रीकरण किया है।
“अब भारत में ऐसी सरकार है जो गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों की सेवा के लिए समर्पित है — और यही अजेय भारत की असली पहचान है,” प्रधानमंत्री ने कहा।