रायपुर : राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ तेलीबांधा चौक पर स्थापित ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रदेश की आस्था, संस्कृति और अस्मिता के प्रतीक मानी जाने वाली इस प्रतिमा का सिर तोड़कर उसे उसके स्थान से उखाड़ फेंका गया। सुबह जब लोगों की नजर प्रतिमा पर पड़ी, तो पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की भूमिका की आशंका है। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
स्थानीयों में गहरा रोष, अमित बघेल और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक
प्रतिमा से छेड़छाड़ की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में नागरिक और समाजसेवी चौक पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। अमित बघेल सहित कई लोगों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों और अमित बघेल के बीच कड़ी नोकझोंक भी देखने को मिली। बघेल ने कहा कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर सीधा हमला है और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
आस्था से जुड़ी ‘छत्तीसगढ़ महतारी’छत्तीसगढ़ में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ को मातृभूमि और धन-धान्य की देवी के रूप में पूजा जाता है। यह प्रतिमा राज्य की संस्कृति, परंपरा और मातृत्व भावना का प्रतीक मानी जाती है। इस घटना ने लोगों की भावनाओं को गहराई से आहत किया है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
— छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला, रायपुर में बढ़ा जनाक्रोश और प्रशासन पर बढ़ा दबाव।