यरूशलेम/गाजा सिटी।मध्य पूर्व में शांति की कोशिशों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुए सीजफायर समझौते के बावजूद, इज़राइल और हमास के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। युद्धविराम के उल्लंघन के बाद इज़राइल ने गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इज़राइली रक्षा बलों (IDF) को गाजा में “तत्काल और भीषण कार्रवाई” के आदेश दिए थे। बताया जा रहा है कि इज़राइल ने हमले से पहले अमेरिका को इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी भी दे दी थी।
संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब हमास के उग्रवादियों ने गाजा की “पीली रेखा” के पूर्वी हिस्से में इज़राइली सैनिकों पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और स्नाइपर फायरिंग से हमला किया। इस हमले के बाद इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने चेतावनी दी कि इज़राइल पर हमले की भारी कीमत हमास को चुकानी होगी, और देश “पूरी ताकत से जवाब” देगा।
गाजा सिविल डिफेंस के अनुसार, गाजा शहर के अल-सबरा इलाके में हवाई हमले हुए, जबकि उत्तरी गाजा में एक मेडिकल सेंटर के पास तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। इन हमलों में कई आवासीय इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
इज़राइल ने आरोप लगाया है कि हमास ने हाल ही में लौटाए गए एक बंदी के अवशेषों की गलत पहचान की है, जो वास्तव में दो वर्ष पूर्व अपहृत व्यक्ति के थे। वहीं, हमास ने इज़राइल के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन है। संगठन ने इज़राइली सैनिकों पर हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है, लेकिन शांति बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 से जारी इज़राइल-हमास युद्ध में अब तक 68,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1.7 लाख से अधिक घायल हुए हैं। संघर्ष के नए दौर ने एक बार फिर क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा दिया है और शांति की उम्मीदों को धुंधला कर दिया है।