नेशनल डेस्कः
भारत में सोना और चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। दिवाली के दौरान जहां गोल्ड रेट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, वहीं अब निवेशकों के बीच चिंता बढ़ने लगी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमत ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम तक नीचे जा सकती है, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय कारण इस गिरावट को प्रभावित कर रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर स्थिर होते हालात
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते सुधरने की दिशा में तेजी आई है। पहले ट्रेड वॉर के कारण गोल्ड की कीमतों में उछाल देखा गया था, क्योंकि निवेशकों ने इसे सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाया था। लेकिन अब जब दोनों देशों के बीच नए समझौते हो रहे हैं, तो बाजार में स्थिरता लौट रही है — और यही सोने की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण बन सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का असर
भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। अमेरिका और भारत के बीच यदि नया व्यापार समझौता होता है, तो विदेशी निवेश में बढ़ोतरी और रुपये की मजबूती की संभावना बढ़ जाएगी। ऐसे में भारत में सोना खरीदना तुलनात्मक रूप से सस्ता हो सकता है।
इजरायल-हमास संघर्ष में शांति
मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी इजरायल और हमास के बीच संघर्ष पर फिलहाल विराम लग चुका है। यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहतभरा साबित हुआ है। शांति बहाली से निवेशकों का रुझान इक्विटी मार्केट की ओर बढ़ेगा, जिससे गोल्ड की मांग में कमी आने की संभावना है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सीजफायर
दक्षिण एशिया में अस्थिरता का एक बड़ा कारण पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच का तनाव भी रहा है। अब दोनों देशों के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिले हैं। यह स्थिति निवेशकों के आत्मविश्वास को बढ़ा सकती है और सोने के दाम में और गिरावट ला सकती है।
कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये सभी वैश्विक परिस्थितियां स्थिर बनी रहती हैं, तो आने वाले हफ्तों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है।