नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बुक एप घोटाले से जुड़ा एक बड़ा मोड़ सामने आया है। इस बहुचर्चित सट्टेबाजी नेटवर्क के सह-संस्थापक रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तारी के बाद अब रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। जानकारी के मुताबिक, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और यूएई में गिरफ्तारी के बावजूद उप्पल अब वहां से किसी अज्ञात स्थान पर फरार हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि यूएई प्रशासन ने भारत को न तो उसके प्रस्थान मार्ग की जानकारी दी है और न ही उसके गंतव्य देश की पुष्टि की है। वहीं, अब यूएई ने उप्पल के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया समाप्त करने की औपचारिक सूचना दी है। यह विकास भारत की जांच एजेंसियों – ईडी, सीबीआई और छत्तीसगढ़ पुलिस – के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, रवि उप्पल और उसका साझेदार सौरभ चंद्राकर करीब 6,000 करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन बेटिंग घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। दोनों ने वर्ष 2018 में इस सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी, जो बाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हो गया।
ईडी की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क देशभर में 3,200 से अधिक पैनलों के माध्यम से संचालित होता था और रोजाना लगभग 240 करोड़ रुपये का कारोबार किया करता था। जांच में यह भी सामने आया कि उप्पल और चंद्राकर ने दुबई में 20 से अधिक आलीशान बंगले किराए पर लेकर करीब 3,500 कर्मचारियों को तैनात किया था, जो इस नेटवर्क को संभालते थे।
गौरतलब है कि इस घोटाले के तार राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुके हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी इस प्रकरण में जांच एजेंसियों के दस्तावेजों में सामने आया है।
अब उप्पल के लापता होने से भारत की जांच एजेंसियों के सामने प्रत्यर्पण और ट्रेसिंग की नई चुनौती खड़ी हो गई है। यह मामला भारत-यूएई के कानूनी सहयोग तंत्र की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।