महिला वर्ल्ड कप विजेता टीम से मिले PM मोदी, खिलाड़ियों ने साझा की जीत की खुशियां — हरमनप्रीत बोलीं, “अब ट्रॉफी के साथ बार-बार मिलना चाहेंगे”

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास लोक कल्याण मार्ग पर महिला वर्ल्ड कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम से भेंट की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को ऐतिहासिक जीत की बधाई दी और टूर्नामेंट में शुरुआती हार के बाद की गई शानदार वापसी की सराहना की। पीएम ने कहा कि भारतीय महिला टीम ने “मैदान के साथ-साथ देश के करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई है।”

भेंट के दौरान प्रधानमंत्री ने टीम की मेहनत, जज्बे और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जीत “नए भारत की नारी शक्ति” का सशक्त उदाहरण है।

हरमनप्रीत बोलीं — अब ट्रॉफी के साथ बार-बार मिलना चाहेंगे

टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मुस्कुराते हुए कहा कि, “हम 2017 में भी प्रधानमंत्री से मिले थे, लेकिन उस समय ट्रॉफी नहीं थी। इस बार जब जीत के साथ आए हैं, तो चाहेंगे कि हम उनसे बार-बार मिलें।”

दीप्ति शर्मा का सपना हुआ साकार

ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने बताया कि वे लंबे समय से पीएम से मिलने का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा, “2017 में प्रधानमंत्री ने कहा था — मेहनत करती रहो, एक दिन सपना जरूर पूरा होगा। आज वह सपना साकार हो गया।”
पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान दीप्ति के ‘जय श्री राम’ इंस्टाग्राम पोस्ट और उनके हाथ पर बने भगवान हनुमान के टैटू का भी उल्लेख किया। इस पर दीप्ति ने मुस्कुराते हुए कहा, “यही मुझे शक्ति और प्रेरणा देता है।”

स्मृति मंधाना ने जताया आभार

उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, इसमें पीएम मोदी की नीतियों और सहयोग की बड़ी भूमिका है।”

पीएम मोदी ने दिया ‘फिट इंडिया’ का संदेश

इस खास मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से देशभर की लड़कियों को ‘फिट इंडिया’ अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “फिट रहना उतना ही जरूरी है, जितना सफल होना।”
उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करें।

इस दौरान खिलाड़ी क्रांति गौड़ ने बताया कि उनका भाई प्रधानमंत्री का बड़ा प्रशंसक है। इस पर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “उसे कभी भी मिलने भेज देना, दरवाज़ा हमेशा खुला है।”

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