गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित एकता पदयात्रा में कहा कि राज्य के सभी स्कूलों में अब ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य होगा। यह घोषणा उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर निकाली गई एकता रैली के मंच से की।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि कोई भी धर्म, विचार या व्यक्ति राष्ट्र से ऊपर नहीं माना जा सकता और राष्ट्रीय गीत का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की चेतना जगाने वाला गीत रहा है और उसका विरोध उचित नहीं माना जा सकता।
योगी आदित्यनाथ ने समाज में विभाजन की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि जाति, क्षेत्र या भाषा के आधार पर दरारें पैदा करने वाले तत्वों को रोकना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को तोड़ने वाले व्यवहार को निंदा और रोकने का दायित्व हम सभी का है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विरोध के उदाहरणों का हवाला भी दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ राजनैतिक हस्तियाँ ऐसे कार्यक्रमों में शामिल हो जाती हैं जहाँ दूसरों को सम्मान दिया जाता है, पर राष्ट्रीय प्रतीकों और पावन अवसरों के प्रति असहयोग दिखाती हैं — इस तरह के रवैये को वे स्वीकार्य नहीं मानते।
सरकार के इस निर्देश पर अब शिक्षा विभाग को विस्तृत लागू निर्देश जारी करने की संभावना है, जिसमें स्कूल प्रार्थना, सुबह की असेंबली और शैक्षणिक अभ्यास में ‘वंदे मातरम्’ को नियमित रूप से शामिल करने के प्रावधान हो सकते हैं। शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि लागू पॉलिसी पर अंतिम रूप देने के बाद विस्तृत गाइडलाइन दी जाएगी।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के फैसले सामाजिक एकता के संदेश देने का माध्यम बन सकते हैं, जबकि आलोचक इसे विचारों की विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रभाव डालने के संकेत के तौर पर देख सकते हैं। तथापि, शासन का तर्क रहा है कि राष्ट्रीय गीत को बढ़ावा देना राष्ट्रभाव को मजबूत करने की दिशा में जरूरी कदम है।
सरकार की घोषणा के बाद राज्य भर के स्कूलों में इसके क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण और संवेदनशीलता के मुद्दों पर चर्चा तेज होने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि निर्देश प्राप्त होते ही वह संबंधित चरणबद्ध रणनीति सार्वजनिक करेगा।