नई दिल्ली/कानपुर | दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों ने एक और संदिग्ध डॉक्टर को हिरासत में लिया है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने कानपुर से डॉक्टर मोहम्मद आरिफ को पकड़ा है, जो कार्डियोलॉजी की पढ़ाई कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी पहले से हिरासत में चल रहे डॉक्टर परवेज से मिली जानकारी के आधार पर की गई।
मंगलवार शाम एटीएस ने डॉक्टर परवेज को कानपुर से हिरासत में लिया था। परवेज कथित आतंकवादी डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी का भाई बताया जा रहा है। एटीएस की पूछताछ में परवेज के पास से तीन कीपैड फोन, कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। इन वस्तुओं से संकेत मिला है कि वह सक्रिय आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहा हो सकता है। देर रात एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम डॉक्टर परवेज को लेकर दिल्ली रवाना हो गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल और दिल्ली कार ब्लास्ट के बीच गहरा संबंध सामने आ रहा है। इसी मॉड्यूल से जुड़े एक अन्य संदिग्ध डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी को 10 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। उस समय एजेंसियों ने लगभग 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की थी, जिसने पूरे सुरक्षा तंत्र को झकझोर दिया था।
दिल्ली में सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुआ धमाका लाल किले के पास खड़ी एक कार में लगाया गया उच्च-स्तरीय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से हुआ था। यह धमाका देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में हुआ, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।
जांच का जिम्मा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के पास है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ब्लास्ट में शामिल आतंकी उमर उन नबी की मौत मौके पर ही हुई थी। डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई है कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला वही था। एजेंसियां अब उमर के नेटवर्क और विस्फोटकों की सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। एनआईए और एटीएस की टीमें फिलहाल डॉक्टर आरिफ और परवेज से पूछताछ कर आतंकियों के इस नेटवर्क की गहराई तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं।