नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था का चमकता सितारा बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज़ ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि भारत 2027 तक 6.5% की वार्षिक विकास दर के साथ जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
मूडीज़ की ग्लोबल मैक्रो आउटलुक रिपोर्ट 2026–27 में कहा गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, स्थिर घरेलू मांग और निर्यात में विविधता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिकी टैरिफ के बावजूद निर्यात मोर्चे पर मजबूती दिखाई है। सितंबर माह में भारत का कुल निर्यात 6.75% बढ़ा, जबकि अमेरिका को निर्यात में 11.9% की गिरावट दर्ज की गई। मूडीज़ का कहना है कि भारतीय निर्यातक अमेरिकी शुल्कों से प्रभावित उत्पादों को अन्य वैश्विक बाजारों की ओर मोड़ने में सफल रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि सकारात्मक निवेशक भावना और विदेशी पूंजी प्रवाह ने भारत को बाहरी आर्थिक झटकों से बचाए रखा है। इससे न केवल मुद्रा बाज़ार स्थिर रहा, बल्कि घरेलू तरलता पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। मूडीज़ ने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नीतिगत सतर्कता ने विकास को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। अक्टूबर में रेपो दर को यथावत रखने का निर्णय यह दर्शाता है कि आरबीआई मुद्रास्फीति नियंत्रण और विकास के बीच संतुलन साधने की दिशा में सावधानी बरत रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दो वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी लेकिन स्थिर गति से आगे बढ़ेगी। एडवांस अर्थव्यवस्थाओं में विकास दर लगभग 1.5% रहने का अनुमान है, जबकि उभरते बाजारों — जिनमें भारत अग्रणी है — में औसतन 4% की वृद्धि देखी जा सकती है। मूडीज़ का कहना है कि विकसित देशों की तुलना में भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाएं अधिक सशक्त प्रदर्शन करेंगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन की वृद्धि दर आने वाले वर्षों में घट सकती है — 2025 में 5% से कम होकर 2027 तक 4.2% तक पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, अमेरिका की अर्थव्यवस्था कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े निवेशों और सीमित उपभोक्ता खर्च के सहारे धीमी लेकिन स्थिर गति से आगे बढ़ेगी।