नई दिल्ली | दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए आत्मघाती कार धमाके की जांच में बड़ा मोड़ सामने आया है।हमले को अंजाम देने वाले जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी उमर मोहम्मद का एक नया सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें वह डॉक्टर की वर्दी पहनकर हरियाणा के फरीदाबाद की एक मोबाइल दुकान में दो फोन खरीदते दिखाई दे रहा है। यह फुटेज धमाके से कुछ घंटे पहले का बताया जा रहा है।
डॉक्टर की पोशाक में घूमता नजर आया आतंकी
वीडियो में उमर सामान्य ग्राहक की तरह दुकान में मोबाइल फोन देखते हुए दिख रहा है। यही व्यक्ति बाद में वही सफेद हुंडई i20 कार चलाते हुए दिल्ली पहुंचा, जिसमें विस्फोट हुआ और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कार धमाके के बाद पूरी तरह नष्ट हो गई थी।
‘सफेदपोश’ आतंकी नेटवर्क उजागर
जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
उमर के पास दो मोबाइल थे, लेकिन घटना स्थल से एक भी फोन बरामद नहीं हुआ। इससे एजेंसियों के संदेह गहरे हो गए हैं कि उमर किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था और डॉक्टर की वेशभूषा उसका आसान आवागमन छिपाने का तरीका थी।
इस मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
चिकित्सक होने के बावजूद आतंकी गतिविधियों में शामिल
1989 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जन्मा उमर मोहम्मद फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। अब उसी कॉलेज से जुड़े कई डॉक्टर भी जांच के दायरे में हैं।
DNA मैच से हुई पहचान की पुष्टि
सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने उसकी दिल्ली तक की मूवमेंट ट्रेस की।
धमाके में शव के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद DNA जांच के जरिए उसकी पहचान पक्की की गई।
हमले से 12 दिन पहले खरीदी थी कार
जांच से पता चला है कि उमर ने 29 अक्टूबर को फरीदाबाद में एक डीलर से i20 कार खरीदी थी।
कार को उसने उसी दिन प्रदूषण जांच करवाकर पार्क कर दिया था और लगभग 12 दिनों तक उसे वहीं खड़ा रखा, जिसके बाद उसने इसे दिल्ली में ले जाकर हमले के लिए इस्तेमाल किया।
इस पूरे मामले ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।