व्हाट्सएप्प डेटा लीक की अफवाहों पर साफ़ स्थिति: 350 करोड़ यूजर्स के नंबरों का खतरा या झूठ?

नई दिल्ली। हाल ही में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यह खबर तेजी से फैल रही है कि लगभग 350 करोड़ व्हाट्सएप्प यूजर्स का डेटा लीक हो गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि स्कैमर्स इस डेटा का इस्तेमाल कर यूजर्स को मैसेज और कॉल करके परेशान कर सकते हैं।

हालांकि, व्हाट्सएप्प ने इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कोई बड़े पैमाने पर हैकिंग या डेटा चोरी नहीं हुई है।

क्या हुआ असल में?

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने सालों पहले बताया था कि व्हाट्सएप्प में एक तकनीकी कमी थी, जिससे 3.5 अरब फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो स्क्रैप की जा सकती थी। इस कमी को कंपनी ने सुधार दिया है और कोई प्रमाण नहीं है कि इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैली खबरें ज्यादातर डेटा स्क्रैपिंग से संबंधित हैं, जो हैकिंग से अलग है। हैकिंग में कोई आपके अकाउंट में घुसकर डेटा चुराता है, जबकि स्क्रैपिंग में पब्लिकली उपलब्ध डेटा को सॉफ्टवेयर से इकट्ठा किया जाता है।

यूजर्स के लिए संभावित खतरे

यदि आपका फोन नंबर लीक हो गया है, तो आपको अनजान नंबरों से कॉल या मैसेज मिल सकते हैं। स्कैमर्स आपकी प्रोफाइल फोटो और नाम का गलत इस्तेमाल कर नकली अकाउंट बना सकते हैं और आपके दोस्तों या परिचितों से पैसे मांग सकते हैं। आवाज क्लोनिंग और अन्य फ्रॉड तकनीकों के जरिए भी यूजर्स को निशाना बनाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि यूजर्स सतर्क रहें, अनजान लिंक या कॉल का जवाब न दें और अपनी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *