गुवाहाटी : गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रन से शिकस्त दी। रन अंतर के लिहाज से यह भारतीय टेस्ट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी हार है। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 0-2 से अपने नाम कर ली। इससे पहले कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट में प्रोटियाज़ 30 रन से जीते थे।
यह जीत दक्षिण अफ्रीका के लिए ऐतिहासिक इसलिए भी रही क्योंकि टीम ने 25 साल बाद भारतीय सरज़मीं पर टेस्ट सीरीज जीती है। आखिरी बार 1999-2000 की सीरीज में हैंसी क्रोनिए की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 0-2 से हराया था। अब टेंबा बावुमा इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दक्षिण अफ्रीका के दूसरे कप्तान बन गए हैं। गुवाहाटी टेस्ट की जीत के साथ बावुमा का बतौर कप्तान टेस्ट में अजेय रहने का रिकॉर्ड भी कायम रहा।
मैच की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और शुरुआती पारी में 489 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सेनुरन मुथुसामी ने 109 और मार्को जानसेन ने 93 रन की शानदार पारियां खेलीं। भारत की ओर से कुलदीप यादव चार विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे, जबकि जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज ने दो-दो विकेट लिए।
जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में केवल 201 रन ही बना सकी और 288 रन से पिछड़ गई। दक्षिण अफ्रीका की ओर से मार्को जानसेन ने घातक गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट झटके, जबकि सिमोन हार्मर ने 3 और केशव महाराज ने 1 विकेट लिया।
फिर दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका ने 5 विकेट पर 260 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और भारत को 549 रन का विशाल लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी फिर बिखर गई और पूरी टीम केवल 140 रन पर सिमट गई। दूसरी पारी में सिमोन हार्मर ने 37 रन देकर 6 विकेट चटकाए। केशव महाराज ने 2 जबकि मार्को जानसेन और सेनुरन मुथुसामी ने एक-एक विकेट लिया।
इस प्रकार भारत को 408 रन के भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा और दक्षिण अफ्रीका ने एक बार फिर भारतीय धरती पर अपनी बादशाहत साबित कर दी।