ढाका: बांग्लादेश की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को तीन भ्रष्टाचार मामलों में दोषी ठहराते हुए 21 साल की जेल की सजा सुनाई। ये मामले देश के एंटी-करप्शन कमीशन (ACC) द्वारा पुर्बाचल न्यू सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित थे।
हाल ही में बांग्लादेश के ICT ने हसीना को पिछले साल हुए प्रदर्शनों से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में दोषी पाया था। इसी के कुछ दिनों बाद यह नया फैसला आया।
सजा के हिस्से में हसीना को तीनों मामलों में सात-सात साल की जेल दी गई। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और बेटी साइमा वाजेद पुतुल को एक-एक मामले में पांच-पांच साल की जेल मिली। उनके करीबी सहयोगी पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा दी गई, जबकि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की सजा सुनाई गई।
अदालत ने कुल 20 अन्य आरोपियों में से 19 को अलग-अलग जेल की सजा सुनाई और एक को बरी कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले के फैसले से पहले ढाका में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
पूर्व पीएम हसीना ने फैसले को राजनीति प्रेरित और एकतरफा बताया। उनका कहना है कि यह कदम उनके राजनीतिक विरोधियों की बुरी मंशा को दर्शाता है, जो अवामी लीग की राजनीतिक ताकत को कमजोर करना चाहते हैं।
यह फैसला बांग्लादेश की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है और इसे देश-विदेश में ध्यान से देखा जा रहा है।