कोलंबो। विनाशकारी चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है। तेज़ हवाओं और लगातार बारिश से देश के कई हिस्सों में जनजीवन पटरी से उतर गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार अब तक 123 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
तूफान की गंभीरता का असर विमानन सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है। खराब मौसम के चलते कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। कोलंबो के बंदरनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगभग 300 भारतीय नागरिक पिछले तीन दिनों से इंतज़ार कर रहे हैं। इनमें लगभग आधे यात्री तमिलनाडु के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो दुबई से भारत लौटते समय कोलंबो में ट्रांजिट में फंस गए।
यात्रियों का कहना है कि संचालन बाधित होने की वजह से उन्हें भोजन, पानी और आराम जैसी मूलभूत सुविधाएं भी ठीक तरह से नहीं मिल पा रही हैं। सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाए जाने के बाद मामला भारत तक पहुंचा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भारतीय दूतावास के साथ संपर्क कर फंसे यात्रियों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास तेज़ करने को कहा है। इसी बीच, भारत सरकार ने भी श्रीलंका को आपातकालीन सहायता पहुंचाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात से हुई जानहानि पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए हर संभव मानविक मदद देने की बात कही है।
इधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि दितवाह चक्रवात अब भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर रविवार सुबह तक प्रभाव डालने की आशंका है। विभाग के अनुसार इस दौरान 90–100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं और कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। तटीय प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।