चंडीगढ़ : शहर को पूरी तरह स्लम-फ्री बनाने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन ने एक और बड़ा कदम बढ़ा दिया है। क्लब क्षेत्र की झुग्गी बस्ती हटाने के बाद अब प्रशासन की नजर धनास की कच्ची कॉलोनी पर है, जिसे शहर की अंतिम बड़ी अवैध झुग्गी बस्ती माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक संपदा विभाग ने लगभग 10 एकड़ भूमि पर फैली 800 से अधिक झुग्गियों को हटाने की पूरी तैयारी कर ली है।
यह झुग्गियां वर्षों पहले किसानों की निजी भूमि पर अस्थायी रूप से बसाई गई थीं, जहां समय के साथ अवैध कब्जा बढ़ता गया। अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों में बेदखली अभियान चलाने पर अदालत से स्टे मिलने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए कार्रवाई सर्दियों के बाद शुरू की जाएगी ताकि पूरा अभियान बिना किसी कानूनी बाधा के पूरा हो सके।
4 झुग्गी बस्तियां हट चुकीं, 520+ एकड़ भूमि प्रशासन ने मुक्त कराई
चंडीगढ़ प्रशासन पिछले कई वर्षों से अवैध कब्जों और अनियोजित बस्तियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। इसी क्रम में अब तक चार बड़ी झुग्गी बस्तियों को हटाया जा चुका है, जिससे प्रशासन ने 520–528 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कदम न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि शहर की भविष्य की प्लानिंग, बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को व्यवस्थित दिशा देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
अवैध कॉलोनियों पर भी प्रशासन का सख्त रुख
झुग्गियों के साथ-साथ प्रशासन अनधिकृत कॉलोनियों पर भी लगातार शिकंजा कस रहा है। कई अवैध कॉलोनियों को हाल के वर्षों में चिन्हित कर ध्वस्त किया गया है। ये कॉलोनियां बिना स्वीकृत नक्शे, बिना बुनियादी सुविधाओं और असुरक्षित निर्माण के कारण शहर की स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और नगर संरचना पर गंभीर प्रभाव डाल रही थीं।
प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में चंडीगढ़ को पूरी तरह स्लम-फ्री, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जाए।