भिलाई नगर : भिलाई चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात की और शहरी क्षेत्रों में लागू किए गए ट्रेड लाइसेंस शुल्क का कड़ा विरोध जताया। चैंबर ने इस शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है,उनका कहना है कि यह पहले से ही कई करों का बोझ झेल रहे छोटे और बड़े व्यापारियों के लिए एक अतिरिक्त और अनुचित आर्थिक बोझ है।
चैंबर के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि गुमास्ता लाइसेंस के प्रावधान पहले से ही लागू हैं, ऐसे में एक नए ट्रेड लाइसेंस शुल्क की कोई आवश्यकता नहीं है।

मुख्य मांगें इस प्रकार प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि यह नया शुल्क व्यापारियों के लिए अत्यंत कष्टदायक है और इससे व्यापार में रुकावट पैदा होगी।
अध्यक्ष गारगी शंकर मिश्रा ने तर्क दिया कि यदि व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाला जाता है, तो उत्पादों के दाम बढ़ जाएंगे, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। चैंबर के चेयरमैन दिनकर बासोतिया ने राज्य शासन से अपील की कि इस शुल्क में तुरंत राहत दी जाए और भविष्य में इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।
कलेक्टर ने चैंबर के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं और मांगों को राज्य सरकार की आगामी बैठकों में गंभीरता से रखा जाएगा।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में सुनील मिश्रा, चिन्ना राव, शिवराज शर्मा, विकास जयसवाल और मनोहर कृष्णानी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। चैंबर ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह शुल्क समाप्त नहीं हो जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।