रायपुर/खैरागढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के निर्देश पर तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष मोहनी कंवर की अध्यक्षता में शुक्रवार को नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक व्यवहार न्यायालय खैरागढ़ में हुई, जिसमें विभिन्न विभागों, बैंक संस्थाओं और वित्तीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
गौरतलब है कि आगामी नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने जा रही है। इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई। अध्यक्ष मोहनी कंवर ने सभी विभागों और संस्थाओं को प्री-लिटिगेशन तथा लंबित प्रकरणों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी एवं प्रतिनिधि:
सीजेएम निधि शर्मा, जेएमएफसी आकांक्षा खलखो, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से अंकित सिंह राजपूत (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), उज्ज्वल कुमार, दीपक कुमार साहू (IDBI बैंक), ओमप्रकाश (PNB), सूर्यकांत देवांगन (बैंक ऑफ महाराष्ट्र), बीरेंद्र कुमार (SBI), विद्युत विभाग के जे. सी. चंद्राकर, नगर पालिका से कोमल ठाकुर एवं पियूष चंद्र यदु, बीएसएनएल से सी.आर. चूरेंद्र, श्रीराम फाइनेंस से रामकुमार जांगड़े, रविप्रताप सिंह, तथा पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू उपस्थित रहे।
अधिकतम मामलों के निपटारे पर जोर:
बैठक में नगर पालिका, बीएसएनएल, विद्युत विभाग सहित सभी संस्थाओं से कहा गया कि लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर अधिक से अधिक विवादों का समाधान सुनिश्चित करें। सभी विभागों ने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
किन-किन मामलों का होगा निपटारा:
13 दिसंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में निम्न प्रकार के प्रकरणों का निपटारा किया जाएगा—
- संपत्ति संबंधी वाद
- धन वसूली के प्रकरण
- बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं के मामले
- राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण
- मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
- परिवार न्यायालय के लंबित मामले
- विशेष न्यायालय (विद्युत अधिनियम) के प्रकरण
- राजस्व एवं अन्य समझौता योग्य मामले
लोक अदालत के लाभ:
- त्वरित न्याय और दोनों पक्षों की जीत
- मामलों में अपील की आवश्यकता नहीं
- दीवानी मामलों में तुरंत निर्णय
- बीमा कंपनी द्वारा तुरंत राशि जमा
- समय, धन और अनावश्यक परेशानी से बचाव
- कोर्ट फीस की वापसी
- आपसी सहमति से अंतिम और स्थाई समाधान
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से लोगों को आसानी से न्याय दिलाने के उद्देश्य से सभी विभागों और संस्थाओं की संयुक्त तैयारी जारी है।