नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस में पिछले कई दिनों से जारी तकनीकी दिक्कतों और स्टाफ की कमी के कारण बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने और भारी देरी के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्थिति पर नया अपडेट जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, प्रभावित यात्रियों को अब तक 610 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रिफंड के रूप में वापस की जा चुकी है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हाल ही में एयरलाइन सेक्टर से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें रद्द उड़ानों और देरी को लेकर यात्रियों को जल्द से जल्द राहत देने के निर्देश दिए गए। सूत्रों का मानना है कि मंत्रालय आने वाले दिनों में सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ एक और समीक्षा बैठक आयोजित करेगा।
मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो द्वारा उड़ान संचालन में पैदा हुई समस्या के बाद यात्रियों की शिकायतों को तेजी से निपटाया जा रहा है। एयरलाइन ने देशभर में बिखरे पड़े यात्रियों के करीब 3,000 से अधिक बैगेज वापस सौंप दिए हैं।
पिछले हफ्ते इंडिगो के बुकिंग और चेक-इन सिस्टम में गंभीर तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी, जिसके कारण सैकड़ों उड़ानें या तो रद्द करनी पड़ीं या फिर कई घंटों की देरी से उड़ान भर पाईं। हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे और कई का सामान भी गुम हो गया था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों का रोष बढ़ गया था, जिसके बाद मंत्रालय ने इंडिगो को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इंडिगो ने ताजा अपडेट में बताया कि 7 दिसंबर को 138 में से 137 डेस्टिनेशन पर उड़ान संचालन बहाल हो चुका है। एयरलाइन ने रविवार को लगभग 1,650 उड़ानें संचालित कीं, जबकि शनिवार को यह संख्या 1,500 से अधिक थी। कंपनी का कहना है कि उनका ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 75% तक पहुंचने की उम्मीद है, जो कि शनिवार को मात्र 30% था। कंपनी का दावा है कि 10 दिसंबर तक पूरा नेटवर्क सामान्य स्थिति में लौट आएगा।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने भी कर्मचारियों को जारी संदेश में कहा कि एयरलाइन संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है और OTP में तेजी से सुधार हो रहा है।
उधर, उड्डयन मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय लगातार देशभर के एयरपोर्ट्स की रियल-टाइम स्थिति पर निगरानी रख रहा है। पिछले चार दिनों में यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए एयरपोर्ट ऑपरेटरों, ग्राउंड-हैंडलिंग एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ कई बैठकें की गईं। सभी ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि फंसे यात्रियों को भोजन, बैठने की व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को आवश्यक सहयोग सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मंत्रालय ने यह भी आदेश दिया है कि रद्द और अत्यधिक विलंबित उड़ानों का सभी रिफंड आज रात 8 बजे तक पूरा कर दिया जाए। हालांकि, अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं—7 दिसंबर को 650 उड़ानें, 6 दिसंबर को 850 उड़ानें, और 5 दिसंबर को 1000 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
एयरलाइन संचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, लेकिन मंत्रालय का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सुधारात्मक कदम जारी रहेंगे।