नई दिल्ली: राज्यसभा में सोमवार को महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या सर्वाइकल कैंसर को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सदन को अवगत कराया गया कि देश में हर वर्ष लगभग 75,000 महिलाओं की मौत इस बीमारी की वजह से हो रही है, जबकि करीब 1.25 लाख नए मामले सामने आते हैं।
बीजू जनता दल की राज्यसभा सांसद सुलता देव ने मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह बीमारी महिलाओं के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रही है और समय रहते कदम न उठाए गए तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर एचपीवी वायरस के संक्रमण के कारण होता है और इससे बचाव के लिए टिकाकरण उपलब्ध है, जिसका लाभ महिलाओं तक व्यापक स्तर पर पहुँचाया जाना चाहिए।
सांसद देव ने सरकार से अपील की कि वह सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन को देशभर में बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि “हमारी माताएँ और बहनें इस बीमारी का बोझ झेल रही हैं, कई बार तो उपचार में परिवार की आर्थिक स्थिति भी चरमरा जाती है। ऐसे में रोकथाम ही सबसे कारगर उपाय है।”
उनके अनुसार, 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को इस वैक्सीन की दो डोज देकर सुरक्षित किया जा सकता है, जबकि 15 से 26 वर्ष की युवतियों के लिए तीन डोज की आवश्यकता होती है। इससे अधिक आयु की महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर टीका लगाया जा सकता है।
सांसद ने आगे कहा कि महिलाएँ देश की आधी आबादी हैं और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। “जब महिलाएँ स्वस्थ होंगी तभी परिवार और समाज मजबूत होगा,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
सुलता देव ने सरकार को याद दिलाया कि बजट में भी सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। इसलिए अब समय आ गया है कि इसे जमीनी स्तर पर लागू कर देश की महिलाओं को जीवनरक्षक सुरक्षा प्रदान की जाए।