देश की दिग्गज कारोबारी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब फूड और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। रिलायंस की कंज्यूमर यूनिट रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) दक्षिण भारत की चर्चित फूड कंपनी उदययम्स एग्रो फूड्स में हिस्सेदारी लेने को लेकर बातचीत के दौर में है। यह सौदा पूरा होता है तो FMCG सेक्टर में मुकाबला और तेज होने की संभावना है।
उदययम्स एग्रो फूड्स क्यों है खास?
उदययम्स एग्रो फूड्स स्टेपल फूड, स्नैक्स और रेडी-टू-कुक ब्रेकफास्ट मिक्स के लिए जानी जाती है। कंपनी का वार्षिक कारोबार करीब 668 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में इसके उत्पादों की मजबूत पकड़ है, जो रिलायंस के लिए क्षेत्रीय बाजार में तेजी से विस्तार का बड़ा अवसर बन सकती है।
सौदे की संभावित रूपरेखा
सूत्रों के अनुसार रिलायंस इस कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी खरीद सकती है। हालांकि डील वैल्यू को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे मिड-साइज अधिग्रहण माना जा रहा है। इससे पहले रिलायंस कैंपा कोला और अन्य ब्रांड्स के साथ इसी तरह की रणनीति अपना चुकी है—पहले क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करना और फिर उसे राष्ट्रीय स्तर पर फैलाना।
प्रमोटर्स की भूमिका
बताया जा रहा है कि उदययम्स के प्रमोटर्स एस. सुधाकर और एस. दिनाकर कंपनी में सीमित हिस्सेदारी बनाए रख सकते हैं। इससे कंपनी की पहचान और संचालन बरकरार रहेगा, जबकि रिलायंस की सप्लाई चेन और मार्केटिंग ताकत से ब्रांड को बड़ा मंच मिल सकेगा।
FMCG पर क्यों दांव लगा रही है रिलायंस?
रिलायंस ने हाल ही में अपने FMCG कारोबार को एक नई इकाई न्यू RCPL के तहत संगठित किया है। कंपनी का फोकस अब पैकेज्ड फूड, बेवरेज, पर्सनल केयर और ब्यूटी सेगमेंट पर है। कैंपा ड्रिंक्स और अन्य ब्रांड्स के बाद अब ब्रेकफास्ट और रेडी-टू-कुक फूड को अगला बड़ा ग्रोथ एरिया माना जा रहा है।
छोटे ब्रांड्स में बड़ी दिलचस्पी
बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स के चलते बड़े ब्रांड्स अब छोटे लेकिन मजबूत और क्षेत्रीय कंपनियों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोकल ब्रांड्स की तेज ग्रोथ, डिजिटल पहुंच और किफायती कीमतें उन्हें आकर्षक बनाती हैं।
आगे की तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का पैकेज्ड फूड मार्केट आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा। शहरी जीवनशैली, कामकाजी वर्ग और रेडी-टू-कुक उत्पादों की बढ़ती मांग इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। ऐसे में रिलायंस की यह संभावित डील उसके दीर्घकालिक FMCG विस्तार की अहम कड़ी मानी जा रही है।