वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने का अवसर, पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट लिस्ट जारी

नई दिल्ली/कोलकाता: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मंगलवार को जारी करने की घोषणा की है। इसके प्रकाशन के साथ ही मतदाता सूची का औपचारिक पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराएंगे। इससे राजनीतिक दलों को सूची में संभावित त्रुटियों या आपत्तियों को समय पर दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, जनता की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ड्राफ्ट मतदाता सूची को सीईओ और डीईओ की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा। सूची में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के विवरण के अनुसार, बाहर किए जाने के लिए योग्य पाए गए 50 लाख नामों में से 23 लाख मृत मतदाता श्रेणी में, 18 लाख स्थानांतरित मतदाता, और लगभग 7 लाख गायब मतदाता हैं। शेष बचे नाम डुप्लीकेट या अन्य कारणों से हटाने योग्य पाए गए हैं।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद नोटिस फेज़ शुरू होगा। इसमें चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा गणना प्रपत्र पर नोटिस जारी करना, सुनवाई, प्रमाणित करना और दावों तथा आपत्तियों का निपटारा शामिल होगा। यह प्रक्रिया 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी।

अंतिम मतदाता सूची के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की अनुमति 10 फरवरी 2026 को दी जाएगी, और 14 फरवरी 2026 को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। 27 अक्टूबर 2025 तक की मतदाता सूची के अनुसार पश्चिम बंगाल में कुल 7,66,37,529 वोटर पंजीकृत हैं।

इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को और अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी, जिससे आगामी चुनावों में प्रभावी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

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