नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव विनिर्माण क्षेत्र पर टिकी होती है, लेकिन भारत में यह सेक्टर लगातार कमजोर पड़ रहा है। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी जर्मनी के म्यूनिख शहर में बीएमडब्ल्यू के प्रदर्शनी केंद्र और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे के बाद सोशल मीडिया के जरिए की।
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि भारत को तेज और समावेशी विकास के लिए एक सशक्त और टिकाऊ विनिर्माण तंत्र तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने इशारों में कहा कि केवल नीतियों की घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उत्पादन बढ़ाने से ही रोजगार और आर्थिक मजबूती संभव है।
राहुल गांधी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी ने विदेश की धरती से भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है। पार्टी का कहना है कि जब संसद सत्र चल रहा है और देश के अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है, तब इस तरह के बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद बेहद जिम्मेदारी भरा होता है। विदेश में रहते हुए देश के खिलाफ बयान देना न केवल संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि भारत का अपमान भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर विदेशी दौरे पर देश की नकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं।
राहुल गांधी के बयान और उस पर बीजेपी की प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि विदेश दौरे के दौरान देश की आंतरिक नीतियों पर आलोचना की सीमा क्या होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।