नई दिल्ली। नए साल के जश्न से ठीक पहले फूड डिलीवरी सेवाओं पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े गिग वर्कर्स ने 31 दिसंबर को हड़ताल की चेतावनी दी है। अगर यह हड़ताल होती है, तो न्यू ईयर की पूर्व संध्या पर घर बैठे खाना और जरूरी सामान मंगाना मुश्किल हो सकता है।
क्रिसमस पर पहले भी दिखा असर
गिग वर्कर्स इससे पहले क्रिसमस डे पर हड़ताल कर चुके हैं। उस दौरान कई शहरों में डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हुई थीं। वर्कर्स का कहना है कि उस हड़ताल के बावजूद कंपनियों ने उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए। इसी कारण उन्होंने नए साल पर फिर से हड़ताल का निर्णय लिया है।
गिग वर्कर्स की शिकायतें
डिलीवरी एजेंट्स का कहना है कि उन्हें हर मौसम में 10–15 मिनट में डिलीवरी पूरी करने की उम्मीद रहती है, लेकिन मेहनत के बावजूद उचित भुगतान नहीं मिलता। ग्राहक की शिकायत पर इंसेंटिव काट लिया जाता है, कई बार आईडी ब्लॉक कर दी जाती है। वर्कर्स का कहना है कि उनकी नौकरी असुरक्षित और जोखिम भरी है।
गिग वर्कर्स की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- जॉब सिक्योरिटी, PF और पेंशन जैसी सुविधाएं
- 10 मिनट डिलीवरी मॉडल को खत्म किया जाए
- आईडी ब्लॉक और जुर्माने जैसी मनमानी कार्रवाई बंद हो
- तय वर्किंग आवर्स और ड्यूटी के दौरान ब्रेक
- हेलमेट और वाहन सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हों
- हेल्थ इंश्योरेंस और दुर्घटना बीमा
- पेमेंट फेल या तकनीकी शिकायतों के लिए स्पष्ट समाधान
न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर असर
अगर हड़ताल होती है, तो पार्टी ऑर्डर, देर रात फूड डिलीवरी, ग्रॉसरी और ड्रिंक्स की होम डिलीवरी प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर वे लोग जो घर पर सेलिब्रेशन की योजना बना रहे हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अब नजर कंपनियों के जवाब पर
जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो 31 दिसंबर की रात फूड डिलीवरी ठप होने की संभावना है।