रायपुर : छत्तीसगढ़ की कोण्डागांव जिले की प्रतिभाशाली बालिका योगिता मंडावी ने जूडो खेल में अद्वितीय प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित होकर और भी खास बन गई।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने योगिता मंडावी को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर देशभर से चयनित बच्चों को खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा, कला एवं संस्कृति में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
योगिता ने मात्र 13 वर्ष की आयु में राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि योगिता की सफलता न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है, बल्कि बालिका गृह और बाल कल्याण संस्थाओं में रह रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संसाधनों की कमी कभी सफलता का रोड़ा नहीं बन सकती; लगन, मेहनत और समर्पण ही असली सफलता की कुंजी हैं।