जामुल (अहिवारा) | अहिवारा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले जामुल नगर में आज भक्ति और उत्साह का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। अवसर था नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा के शुभारंभ का, जिससे पूर्व निकाली गई ऐतिहासिक कलश यात्रा ने पूरे नगर को ‘राममय’ कर दिया। इस यात्रा में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अटूट श्रद्धा की अनूठी झलक दिखाई दी।
11,111 माताओं-बहनों ने उठाया कलश:
श्रीराम कथा के मंगल शुभारंभ पर आज नगर की 11,111 माताओं और बहनों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर पदयात्रा की। गगनभेदी “जय श्रीराम” के उद्घोष और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच निकली यह यात्रा जिस मार्ग से भी गुजरी, वहां नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं के उत्साह से पूरा जामुल नगर भक्ति के रस में सराबोर नजर आया।

सांस्कृतिक वैभव का प्रदर्शन:
कलश यात्रा की खास बात इसमें शामिल छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति रही। यात्रा के दौरान राउत नाचा, बस्तरिया नृत्य और पारंपरिक सुवा नृत्य की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। स्थानीय कलाकारों की टोलियों ने अपनी कला से इस धार्मिक आयोजन में चार चांद लगा दिए।

स्वामी डॉ. राघवाचार्य करेंगे कथा वाचन:
बता दें कि यह भव्य श्रीराम कथा आज 28 दिसंबर से प्रारंभ होकर 6 जनवरी तक चलेगी। प्रख्यात कथावाचक स्वामी डॉ. राघवाचार्य जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रीराम चरित के प्रसंगों का वर्णन करेंगे। आयोजन समिति को उम्मीद है कि आगामी दिनों में क्षेत्र और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचेंगे।
सुरक्षा और उत्साह:
कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। महिलाओं और युवाओं में कथा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।