नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर इन दिनों मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच जहरीली हवा और घना कोहरा लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है और कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के आंकड़े को पार कर गया है। हालात ऐसे हैं कि देर रात और तड़के दृश्यता लगभग खत्म हो गई, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
राजधानी के कई हिस्सों में हवा इतनी दूषित है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। प्रदूषण निगरानी केंद्रों के अनुसार, पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में हवा ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। एनसीआर के अधिकतर शहरों में प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र पर स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है। इसका असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है।
भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक सुबह के समय अत्यधिक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नमी का स्तर बहुत अधिक होने और हवाओं की गति धीमी रहने के कारण कोहरा और प्रदूषण लंबे समय तक टिक सकता है। हालांकि नए साल की शुरुआत में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे हालात में कुछ सुधार आ सकता है।
कोहरे की वजह से वाहन चालकों को खासा सतर्क रहने की जरूरत है। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार थम गई है और हादसों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलें और स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियों का पालन करें।