नई दिल्ली | ईरान में जारी जनआंदोलन के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश की, तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।
ईरानी नेतृत्व से जुड़े इस वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप से न केवल ईरान, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। उन्होंने अमेरिका को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे कदम हालात को और विस्फोटक बना देंगे।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी प्रदर्शनों के दौरान एक बयान जारी कर ईरानी सरकार को चेतावनी दी थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा था कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, तो अमेरिका इसे अनदेखा नहीं करेगा। ट्रंप के इस बयान को ईरान ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप की धमकी के रूप में लिया है।
सड़कों पर विरोध, हालात तनावपूर्ण
ईरान में बिगड़ती अर्थव्यवस्था, महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है। राजधानी तेहरान से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन कई प्रांतों तक फैल चुके हैं। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं, जिनमें कई लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
2022 के बाद सबसे बड़ा विरोध
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा आंदोलन वर्ष 2022 के बाद सबसे बड़ा जनआंदोलन है। हालांकि तेहरान में विरोध की तीव्रता कुछ कम हुई है, लेकिन प्रांतीय क्षेत्रों में प्रदर्शन और अधिक उग्र होते जा रहे हैं। खासतौर पर जातीय आबादी वाले इलाकों में हालात ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं।
लोरेस्टान बना हिंसा का केंद्र
ईरान के लोरेस्टान प्रांत में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। यहां आगजनी, तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस क्षेत्र में कई लोगों की जान जा चुकी है। सरकारी एजेंसियां स्थिति पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हैं।
ईरान में बढ़ते आंदोलन और अमेरिका की चेतावनियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह संकट किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।