प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के तीसरे दिन सोमवार को सुबह से ही त्रिवेणी संगम घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से आए भक्तों ने पवित्र संगम में डुबकी लगाकर अपनी आस्था व्यक्त की। हर हर गंगे की गूंज के बीच श्रद्धालु गदगद नजर आए।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती की आशीर्वाद से उनका मन और आत्मा शुद्ध हुआ। हैदराबाद से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह पहले महाकुंभ में भी स्नान कर चुके हैं और अब माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाने आए हैं। उन्होंने कहा कि रात में काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन और इसके बाद अयोध्या में राम मंदिर दर्शन की योजना है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन के उत्कृष्ट इंतजामों की भी सराहना की। एक भक्त ने बताया, “भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक और पार्किंग की व्यवस्थाएं शानदार हैं। पुलिस और प्रशासन हर समय उपस्थित रहते हैं और मदद के लिए तत्पर हैं।”
माघ मेले का आकर्षण न केवल स्नान तक सीमित है, बल्कि यहां भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की उपस्थिति से मेला और भी जीवंत बन जाता है। संगम स्नान से पापों का नाश और मन की शांति प्राप्त होती है, यही कारण है कि लोग ठंडी हवाओं और कोहरे के बावजूद सुबह-सुबह संगम घाटों पर पहुंच रहे हैं।
माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी से हुई और यह 15 फरवरी तक चलेगा। पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था और अब भी रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपनी आस्था व्यक्त करने पहुंच रहे हैं।
इस तरह माघ मेला न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव और संस्कृति का जीवंत उत्सव भी बन गया है।