रायपुर : राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर प्रदेश में 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। यह फैसला वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में किए गए प्रावधानों के तहत लिया गया है।
बजट घोषणा अब ज़मीन पर उतरी
मुख्य बजट में घोषित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इससे दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
इन क्षेत्रों में शुरू होंगे नए PHC
स्वीकृति के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों और विकासखंडों में नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इनमें नगर निगम चिरमिरी क्षेत्र का कोरिया कालरी, खड़गवाँ जनपद का जरौंधा, कोंडागांव विकासखंड का गोलावंड, बैकुंठपुर का मुरमा, कोरिया जिले का सकरिया, राजपुर विकासखंड का सेवारी, दरभा क्षेत्र के पोड़ागुड़ा और चिंतापुर, दुलदुला विकासखंड का करडेगा, फरसाबहार के पेटामारा (अकीरा) और गंझियाडीह, तथा कुनकुरी विकासखंड का केराडीह शामिल हैं।
हर केंद्र में मिलेगा पूरा स्टाफ
प्रत्येक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 12 पदों को स्वीकृति दी गई है। इनमें
- 1 चिकित्सा अधिकारी
- 1 ग्रामीण चिकित्सा सहायक
- 1 फार्मासिस्ट ग्रेड-2
- 1 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता
- 3 स्टाफ नर्स
- 1 लैब टेक्निशियन
- 1 सहायक ग्रेड-3
- 1 वार्ड बॉय
- 2 आया
इन पदों पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को उसके घर के पास गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि गंभीर बीमारियों में भी लोगों को दूर शहरों का रुख न करना पड़े।