छत्तीसगढ़ जंबूरी में अध्यक्ष पद को लेकर घमासान, गजेंद्र यादव बनाम बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हो रहे राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 के आयोजन से पहले भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ में नेतृत्व को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे आयोजन की पृष्ठभूमि में असमंजस बना हुआ है।

इस विवाद के केंद्र में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और वर्तमान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव हैं। बृजमोहन अग्रवाल का दावा है कि वह अभी भी परिषद के वैधानिक अध्यक्ष हैं, जबकि शिक्षा विभाग की ओर से 13 दिसंबर को जारी आदेश में गजेंद्र यादव को पदेन अध्यक्ष घोषित किया गया है। इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को कानूनी मोर्चे तक पहुंचा दिया है।

दरअसल, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनने पर बृजमोहन अग्रवाल को स्कूल शिक्षा मंत्री बनाया गया था। इसी पद के आधार पर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ परिषद ने उन्हें पांच वर्ष की अवधि के लिए राज्य अध्यक्ष चुना था। तब से वह संगठन के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते आ रहे थे। हालांकि हालिया प्रशासनिक आदेश के बाद उनकी स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।

राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 की तैयारियों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर को एक आदेश जारी किया, जिसमें उप-नियम 17 की कंडिका (1) का हवाला देते हुए गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ का पदेन राज्य अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसी आदेश के बाद अध्यक्ष पद को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया।

मामला अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। बृजमोहन अग्रवाल ने 7 जनवरी 2026 को याचिका दायर कर इस आदेश को चुनौती दी है। उनका कहना है कि वह अभी भी विधिसम्मत रूप से अध्यक्ष हैं और इसी हैसियत से उन्होंने 5 जनवरी को जंबूरी से संबंधित एक अहम बैठक भी की थी।

फिलहाल इस पूरे विवाद पर सभी की निगाहें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं। अदालत का फैसला न केवल अध्यक्ष पद की स्थिति स्पष्ट करेगा, बल्कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 के संचालन और भविष्य की दिशा भी तय करेगा।

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