Makar Sankranti Upay: मकर संक्रांति हिंदू पंचांग के उन विशेष पर्वों में शामिल है, जब सूर्य उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन को नई ऊर्जा, शुभ शुरुआत और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति पर किए गए दान और साधारण उपाय लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करते हैं।
तिल-गुड़ का विशेष महत्व क्यों?
ज्योतिष मान्यता के अनुसार तिल शनि ग्रह से जुड़ा होता है, जबकि गुड़ सूर्य की तेजस्वी ऊर्जा को संतुलित करता है। मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का दान या सेवन करने से कुंडली में मौजूद शनि और सूर्य से संबंधित अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। इसके साथ ही पितृ दोष और अन्य ग्रहजनित बाधाओं से राहत मिलने की भी मान्यता है।
ग्रह दोष शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार
इस पर्व पर तिल-गुड़ का दान करने से जीवन में नकारात्मकता कम होती है और मन, तन व वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। मान्यता है कि शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या सूर्य के कारण आने वाली परेशानियों में भी इससे शांति मिलती है और कार्यों में बाधाएं कम होती हैं।
मकर संक्रांति पर अपनाएं ये शुभ उपाय
- जरूरतमंदों को तिल और गुड़ का दान करें।
- तिल से बने पकवान तैयार कर परिवार और पड़ोसियों में बांटें।
- प्रातः स्नान के बाद उगते सूर्य को जल अर्पित करें और सूर्य मंत्र का स्मरण करें।
- शनि देव की आराधना या नाम का जाप करें।
- इस दिन सात्विक भोजन करें और वाणी व व्यवहार में संयम रखें।
पूरे वर्ष मिलता है शुभ फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर श्रद्धा और विधि से किए गए दान-पुण्य का प्रभाव पूरे वर्ष बना रहता है। यह पर्व न केवल ग्रहों के दोष को शांत करने का अवसर देता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के द्वार भी खोलता है।
इस मकर संक्रांति पर सरल उपायों के साथ तिल-गुड़ का दान जरूर करें और सूर्य व शनि देव की कृपा प्राप्त करें।