मुंबई को कब मिलेगा नया मेयर? चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुआ सियासी मंथन

मुंबई : मुंबई में हुए महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के नतीजों के बाद सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। 2026 के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से ठाकरे परिवार के दशकों पुराने वर्चस्व को खत्म कर दिया है। अब देश के सबसे बड़े और सबसे समृद्ध नगर निगम को नया महापौर मिलने की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि मुंबई का नया मेयर कब चुना जाएगा और चयन की प्रक्रिया क्या होगी। फिलहाल किसी भी दल ने मेयर पद के लिए आधिकारिक नाम की घोषणा नहीं की है, क्योंकि इससे पहले एक अहम प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है।

लॉटरी से तय होगा मेयर पद का आरक्षण
मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता। इसके लिए राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की जाती है, जिसके बाद महापौर पद के आरक्षण को लेकर लॉटरी प्रक्रिया आयोजित होती है। इस लॉटरी के जरिए यह तय होता है कि मेयर पद सामान्य वर्ग, आरक्षित वर्ग या महिला वर्ग के लिए होगा। इसी के आधार पर राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नाम आगे बढ़ाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य में 29 नगर निगमों के चुनाव नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जा चुके हैं और जल्द ही मेयर पद को लेकर अधिसूचना जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि जनवरी के अंत तक लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

कैसे होता है मेयर का चुनाव
लॉटरी के नतीजों के बाद जिस पार्टी या गठबंधन के पास नगर निगम में स्पष्ट बहुमत होता है, वही मेयर बनाने का दावा पेश करता है। इसके बाद नगर निगम सभागृह में पार्षदों के बीच मतदान कराया जाता है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए मेयर और डिप्टी मेयर की औपचारिक घोषणा की जाती है।

मुंबई में बहुमत का आंकड़ा 114 पार्षदों का है। इस बार भाजपा के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने यह आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे मेयर पद पर उसका दावा मजबूत माना जा रहा है।

ठाणे और मुंबई की राजनीति भी जुड़ी
इस बीच गठबंधन सहयोगियों के बीच तालमेल को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बयान के बाद यह संकेत मिले हैं कि मुंबई और ठाणे की नगर निगम राजनीति एक-दूसरे से जुड़ी हो सकती है। ठाणे में शिवसेना के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण वहां मेयर पद शिवसेना के खाते में जा सकता है, जबकि मुंबई में भाजपा की भूमिका निर्णायक रहेगी।

अभी लगेगा थोड़ा वक्त
हालांकि मेयर पद को लेकर खींचतान शुरू हो चुकी है, लेकिन अंतिम फैसला आने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मेयर का चयन केवल संख्या बल के आधार पर नहीं, बल्कि गठबंधन सहयोगियों से चर्चा के बाद किया जाएगा।

गौरतलब है कि 2026 के नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने राज्यभर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 महानगरपालिकाओं की कुल 2,869 सीटों में से 1,425 पर जीत दर्ज की है। अब इसी जीत के बाद मुंबई को नया नेतृत्व मिलने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *