दुर्ग में बसंतोत्सव: कवियों, कलाकारों और लोकसंस्कृति का भव्य आयोजन

दुर्ग : अभिभाषक साहित्य संसद दुर्ग, क्षितिज रंग शिविर दुर्ग एवं आइडियल क्रिएशन वेलफेयर सोसायटी, दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के सभागार में दुर्ग-भिलाई के कवियों, रंगकर्मियों एवं लोक कलाकारों द्वारा बसंतोत्सव का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कवियों और कलाकारों का सामूहिक संगम पहली बार देखने को मिला। एक ही मंच पर उपस्थित होकर सभी कलाकारों ने अपनी-अपनी विधाओं में कविता, गीत, ग़ज़ल एवं संगीत की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना एवं पूजन के साथ हुई। इस अवसर पर सुमित्रा कामड़िया “शिशिर” की ददरिया संग्रह कृति “गांव मया के चलो बसाबो” का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में अभिभाषक साहित्य संसद दुर्ग के अध्यक्ष आर.एस. यादव, जिला अधिवक्ता संघ की अध्यक्ष नीता जैन, दुर्ग-भिलाई अंचल के प्रसिद्ध कलाकार भानुजी राव, रवि दुबे, गोपाल शर्मा, नकुल महलवार, भारत भूषण परगनिहा, जय कसेर, डी.के. शर्मा, जयराम भगवानी, प्रकाश ताम्रकार, अर्जुन परमार, जागेश्वरी मढ़रिया, शिवनारायण कामड़िया, वरिष्ठ कवयित्री बीना सिंह, पुष्पलता साहू, कंचनबाला, उमा भारती साहू, कवि सुशील यादव, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, हाजी गौहर, प्रशांत जोशी, ताराचंद मथुरिया, समीर त्रिपाठी, राजेश महाडिक, गुलाम नबी, सबा खान, तरन्नुम निशा, अलकरहा जी सहित अनेक साहित्यकारों एवं कलाकारों ने काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम में मानस मर्मज्ञ अभयराज सिंह, गुलाब सिंह पटेल, ऋषिकांत तिवारी, रविशंकर मानिकपुरी, संघ के सचिव रविशंकर सिंह, अमित अग्ने, चंद्रिका देवांगन, शकील खान सहित सैकड़ों की संख्या में साहित्य-प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी योगेश पाण्डेय द्वारा किया गया।

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