अजित पवार का प्लेन क्रैश, डिप्टी CM समेत पांच लोगों का निधन

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता अजित पवार का बुधवार को एक भीषण विमान दुर्घटना में निधन हो गया। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुष्टि की है कि इस हादसे में विमान में सवार अजित पवार समेत सभी पांच यात्रियों की मौत हो गई।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच एक जनसभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। इसी दौरान उनका विमान बारामती के पास लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण से बाहर हो गया, जिसके बाद वह ज़मीन से टकरा गया और उसमें भीषण आग लग गई। विमान में अजित पवार के अलावा दो क्रू मेंबर सहित कुल पांच लोग सवार थे।

अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कोई भी यात्री जीवित नहीं बचा।घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में आग और धुएं के गुबार, विमान का बुरी तरह क्षतिग्रस्त मलबा और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाती एम्बुलेंस दिखाई दीं। स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचकर हर संभव मदद करते नजर आए। पुणे के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अनुसार, तीन शवों को बारामती मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

हादसे की सूचना मिलते ही डीजीसीए अधिकारियों की एक टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई है। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाएं और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। इधर, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले, तथा उपमुख्यमंत्री अजित पवार का परिवार पत्नी सुनेत्रा पवार और पुत्र पार्थ पवार घटना के समय दिल्ली में मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल और पवार परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं।

अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के देओलाली प्रवरा (अहमदनगर) में हुआ था। वे भारतीय राजनीति की एक प्रभावशाली शख्सियत और महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक माने जाते थे। पवार छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने वित्त, सिंचाई, योजना और प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया।वे बारामती से आठ बार विधायक चुने गए और क्षेत्रीय विकास तथा प्रशासनिक पकड़ के लिए पहचाने जाते थे।

वर्ष 2023 में उन्होंने शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से अलग होकर अपनी राजनीतिक धारा बनाई और भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। वे न केवल एनसीपी के प्रमुख नेता थे, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उनकी पहचान रही। अजित पवार के आकस्मिक निधन से महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश की राजनीति में एक गहरी रिक्तता पैदा हो गई है। उनका जाना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

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