रियाद : सऊदी अरब ने विदेशी कर्मचारियों से जुड़ी नीतियों में एक और बड़ा बदलाव करते हुए वर्क वीज़ा और रोजगार नियमों को और सख्त कर दिया है। अमेरिका के बाद अब सऊदी सरकार ने भी अपने नागरिकों को प्राथमिकता देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। यह फैसला सऊदी अरब की महत्वाकांक्षी विजन 2030 रणनीति के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
Qiwa प्लेटफॉर्म से लागू हुई नई व्यवस्था
सऊदी श्रम मंत्रालय ने ये नए नियम अपने आधिकारिक डिजिटल लेबर प्लेटफॉर्म Qiwa के जरिए लागू कर दिए हैं। इसके बाद अब कुछ चुनिंदा पदों पर न तो किसी विदेशी नागरिक की नई भर्ती की जा सकेगी और न ही पहले से कार्यरत प्रवासी कर्मचारियों का पदनाम बदला जा सकेगा।
नई नीति के अनुसार जनरल मैनेजर, सेल्स प्रतिनिधि, मार्केटिंग विशेषज्ञ और प्रोक्योरमेंट मैनेजर जैसे पदों को पूरी तरह सऊदी नागरिकों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है। इन पदों पर केवल स्थानीय कर्मचारियों की ही नियुक्ति संभव होगी।
पहले से काम कर रहे विदेशियों के लिए बदले विकल्प
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो विदेशी कर्मचारी वर्तमान में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें सीमित विकल्प दिए जाएंगे। ऐसे कर्मचारियों को कंपनी संरचना के अनुरूप सीईओ या चेयरमैन जैसे वैकल्पिक पदों पर समायोजन करने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन नई नियुक्ति की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
सेल्स विभाग में सऊदी कर्मचारियों की संख्या तय सीमा तक बढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि मार्केटिंग से जुड़े पदों पर कम से कम 60 प्रतिशत कर्मचारियों का सऊदी नागरिक होना जरूरी होगा। सप्लाई चेन और खरीद प्रक्रिया पर स्थानीय नियंत्रण मजबूत करने के लिए प्रोक्योरमेंट मैनेजर की भूमिका भी पूरी तरह स्थानीय नागरिकों तक सीमित कर दी गई है।
वेतन को लेकर भी सख्ती
नई नीति में वेतन से जुड़ी शर्तों को भी कड़ा किया गया है। सेल्स और मार्केटिंग क्षेत्रों में कार्यरत सऊदी कर्मचारियों को न्यूनतम 5,500 सऊदी रियाल मासिक वेतन देना अनिवार्य होगा। वहीं, तकनीकी और इंजीनियरिंग पदों के लिए यह सीमा 8,000 रियाल तय की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को Saudization कोटे में शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रवासी कर्मचारियों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर प्रवासी कामगारों पर पड़ने वाला है। कई पदों पर अब नए वर्क वीज़ा जारी नहीं किए जाएंगे और तय सीमा से अधिक विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति भी प्रतिबंधित होगी। कंपनियों को इन नियमों के अनुरूप ढलने के लिए सरकार की ओर से सीमित समयावधि दी गई है।
भारतीय श्रमिकों के लिए नई अनिवार्यता
सऊदी अरब जाने वाले भारतीय कामगारों के लिए जनवरी 2025 से अपनी शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता का पूर्व सत्यापन कराना जरूरी कर दिया गया है। सऊदी श्रम मंत्री अहमद अल-रजही के अनुसार, इन सुधारों का उद्देश्य केवल रोजगार बढ़ाना नहीं, बल्कि नेतृत्व और निर्णय लेने वाले पदों पर सऊदी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
साफ संदेश: विदेशियों के लिए घटेंगे मौके
सरकार का मानना है कि देश के निजी क्षेत्र की कमान अब धीरे-धीरे सऊदी युवाओं को सौंपी जानी चाहिए। इन नीतिगत बदलावों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भविष्य में सऊदी अरब में प्रवासियों, खासकर प्रबंधन और प्रशासनिक पदों पर, अवसर सीमित हो सकते हैं, जबकि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।