नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के तहत कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बहुपक्षीय मंच में भाग लेने के लिए अरब देशों के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी क्रम में शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और लीबिया के विदेश मंत्री एल्ताहर एस. एम. एल्बाउर के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापारिक संबंधों के विस्तार, आधारभूत ढांचे में निवेश और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि वार्ता सकारात्मक और भविष्य उन्मुख रही। उन्होंने लीबिया की मौजूदा राजनीतिक एवं सुरक्षा स्थिति पर दिए गए विस्तृत इनपुट के लिए लीबियाई विदेश मंत्री का आभार व्यक्त किया।
डॉ. जयशंकर ने इस अवसर पर यह भी दोहराया कि भारत पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संवाद, आपसी समझ और कूटनीतिक प्रयासों को सर्वोत्तम रास्ता मानता है। उन्होंने क्षेत्रीय संकटों के समाधान में शांतिपूर्ण पहल का समर्थन करने की भारत की नीति को स्पष्ट किया।
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए लीबिया और सोमालिया के विदेश मंत्री नई दिल्ली पहुंचे हैं। विदेश मंत्रालय ने दोनों नेताओं के आगमन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि यह मंच आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। वहीं, सोमालिया के विदेश मंत्री की भारत यात्रा से दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में मजबूती आने की संभावना जताई गई है।
इससे पहले लीग ऑफ अरब स्टेट्स के महासचिव अहमद अबुल घीत भी बैठक में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंचे थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, आगामी दिनों में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों से भारत और अरब देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।