अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के नए आकलन ने वैश्विक आर्थिक संतुलन में एक बड़े बदलाव की ओर संकेत किया है। रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में भारत की भूमिका अमेरिका से अधिक रहने वाली है। यह जानकारी 31 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा साझा आंकड़ों के जरिए सामने आई।
इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने रिपोर्ट को री-पोस्ट किया और लिखा— “शक्ति का संतुलन बदल रहा है।” मस्क की यह टिप्पणी भारत की उभरती आर्थिक शक्ति और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है।
2026 में भारत की हिस्सेदारी अमेरिका से ज्यादा
IMF के अनुमान के मुताबिक वर्ष 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान करीब 17 प्रतिशत रहने की संभावना है, जबकि अमेरिका का योगदान 9.9 प्रतिशत आंका गया है। इस सूची में चीन शीर्ष स्थान पर है, जिसकी हिस्सेदारी 26.6 प्रतिशत बताई गई है।
रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि भारत और चीन मिलकर वैश्विक जीडीपी वृद्धि का लगभग 43.6 प्रतिशत योगदान करेंगे, जिससे एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की मजबूत स्थिति साफ झलकती है।
भारत को लेकर एलन मस्क की बढ़ती दिलचस्पी
एलन मस्क हाल के समय में भारत की आर्थिक प्रगति पर खास नजर बनाए हुए हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार मुलाकात कर चुके हैं और भारत में टेस्ला व अन्य परियोजनाओं के विस्तार को लेकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का विशाल बाजार और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
वित्त मंत्री ने जताया भरोसा
बजट 2026 से जुड़े यूथ डायलॉग कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IMF के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ये आंकड़े भारत की आर्थिक मजबूती और संभावनाओं को साफ तौर पर दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन मिलकर दुनिया की आर्थिक वृद्धि का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं।
वित्त मंत्री ने यह भी भरोसा जताया कि भले ही फिलहाल चीन और भारत के बीच अंतर मौजूद है, लेकिन भारत की क्षमताएं, सुधार और आत्मविश्वास आने वाले समय में इस फासले को काफी हद तक कम कर देंगे। उनके अनुसार भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल भागीदार नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है।