भारत-पाक क्रिकेट विवाद फिर गरमाया, रमीज राजा के पुराने बयान का वीडियो वायरल

T20 World Cup : भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच न खेलने के फैसले ने पाकिस्तान में सियासी ही नहीं, बल्कि क्रिकेट जगत में भी तीखी बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। जहां एक वर्ग सरकार और पीसीबी के रुख का समर्थन कर रहा है, वहीं अधिकांश पूर्व क्रिकेटर और जानकार इसे अव्यावहारिक और नुकसानदेह कदम बता रहे हैं।

इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। इस वीडियो में रमीज राजा पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक स्थिति और उसकी अंतरराष्ट्रीय निर्भरता को लेकर खुलकर बात करते नजर आते हैं।

आर्थिक हकीकत पर उठे सवाल

वीडियो में रमीज राजा बताते हैं कि पीसीबी की बड़ी आय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से मिलने वाले रेवेन्यू शेयर पर निर्भर करती है। उनका कहना है कि आईसीसी की कमाई का बड़ा हिस्सा भारतीय बाजार से आता है और वही रकम सदस्य देशों में बांटी जाती है। ऐसे में भारत से जुड़े फैसले सीधे तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। यह बयान मौजूदा हालात में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए असहज सच्चाई बनकर उभरा है।

मैच बहिष्कार से बढ़ी चिंता

सरकारी निर्देशों के बाद पीसीबी ने भारत के खिलाफ प्रस्तावित मुकाबले से दूरी बनाने का संकेत दिया है, लेकिन इस फैसले के पीछे की वजहों को लेकर अब तक आईसीसी को औपचारिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। यदि पाकिस्तान इस फैसले पर कायम रहता है, तो पहले से तय तटस्थ स्थल पर खेलने के समझौते का उल्लंघन माना जा सकता है।

आईसीसी की कार्रवाई का डर

सूत्रों के अनुसार, ऐसे हालात में आईसीसी पाकिस्तान के वार्षिक रेवेन्यू शेयर पर रोक लगा सकता है, जिससे पीसीबी को भारी आर्थिक झटका लग सकता है। पहले से ही वित्तीय दबाव झेल रहे बोर्ड के लिए यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। बताया जा रहा है कि पीसीबी नेतृत्व ने कानूनी पहलुओं पर सलाह तो ली है, लेकिन संभावित नुकसान को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

राजनीति और क्रिकेट के बीच फंसा पाकिस्तान

एक ओर राजनीतिक बयानबाजी है, तो दूसरी ओर आर्थिक मजबूरियां। रमीज राजा का वायरल वीडियो इसी टकराव को उजागर करता है। भारत से मुकाबला न खेलने का फैसला पाकिस्तान क्रिकेट के लिए साख और वित्त—दोनों के स्तर पर चुनौती बनता दिख रहा है। अब देखना होगा कि पीसीबी अपने रुख पर कायम रहता है या परिस्थितियों को देखते हुए कोई नया फैसला करता है।

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