संसद का बजट सत्र—दिन 7: राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण, विपक्ष के तेवर सख्त

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का सातवां दिन सियासी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा अपने निर्णायक चरण में पहुंच सकती है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन को संबोधित करने की संभावना है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों की निगाहें टिकी हैं।

बढ़ी सियासी सरगर्मी

बीते दिनों संसद के दोनों सदनों में तीखी नोकझोंक और व्यवधान देखने को मिला है। बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित रही थी। ऐसे में आज राज्यसभा की कार्यवाही को लेकर भी सियासी तापमान ऊंचा रहने के संकेत मिल रहे हैं।

विपक्ष ने कसी कमर

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने आपसी तालमेल मजबूत करने के लिए बैठक की है। इस बैठक में सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष महंगाई, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और विदेश नीति से जुड़े प्रश्नों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

सरकार का फोकस और प्रस्ताव

सरकार की ओर से धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब के दौरान नीतिगत फैसलों, आर्थिक प्रगति और भविष्य की योजनाओं को सामने रखने की रणनीति बनाई गई है। माना जा रहा है कि आज की कार्यवाही में एक अहम प्रस्ताव पर चर्चा के बाद उसे पारित कराने की कोशिश भी की जा सकती है।

व्यापार समझौते पर सियासत

इसी बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी संसद के बाहर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रस्तावित समझौते में संतुलन की कमी है और इससे घरेलू उद्योगों पर दबाव पड़ सकता है। सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब की मांग की जा रही है।

निर्णायक हो सकता है दिन

प्रधानमंत्री का संभावित संबोधन आज की कार्यवाही की दिशा तय कर सकता है। जहां सरकार उपलब्धियों और स्थिरता का संदेश देने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने के मूड में नजर आ रहा है। ऐसे में बजट सत्र का यह दिन आगे के राजनीतिक घटनाक्रम के लिए अहम माना जा रहा है।

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